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Thursday, 16 November 2017

सैंपलिंग ( निदर्शन) Sampling




 सैंपलिंग ( निदर्शन ) Sampling

किसी भी शोध अध्ययन में आंकड़े एकत्रित करने की विधि अध्ययन की विश्वसनीयता का आधार होती है। अध्ययन के लिए जितनी अधिक  जनसंख्या को सम्मिलित कर आंकड़े एकत्रित किए जायें, परिणामों की विश्वसनीयता भी उतनी ही अधिक होती है। हर स्तर पर जनसंख्या का शत प्रतिशत भाग सम्मिलित नहीं किया जा सकता है। अधिकतर शोध अध्ययनों में सम्पूर्ण तथ्यों को सम्मिलित करने की बजाय उसकी प्रतिनिधत्व करने वाली इकाइयों को लेकर अध्ययन किया जाता है।
  
समग्र या सम्पूर्ण जनसंख्या (इकाई, वस्तुओं या मनुष्यों का समूह) में से चुने गए एक ऐसे अंश से है, जिसमें समग्र का प्रतिनिधित्व करने के समस्त लक्षण विद्यमान हों । किसी जनसंख्या में किसी चर का विशिष्ट मान ज्ञात करने के लिए उसकी कुछ इकाइयों को चुना जाता है, इस चुनाव की प्रक्रिया को हम सैंपलिंग या निदर्शन कहते हैं, और चुनी हुई इकाई के समूह को निदर्शन कहते हैं।
जैसे- एक चिकित्सक या परीक्षणकर्ता रक्त की एक इकाई की जांच कर रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा ज्ञात करता है।
कक्षा में अध्यापक छात्रों से कुछ सवाल पूछकर उनके बौध्दिक स्तर का अनुमान लगाता है।
चर (Variable)- चर से तात्पर्य उस गुण, विशेषता या अवस्था से है, जिसका अध्ययन किया जाता है।
इकाई (Unit)- चर का मात्रा को जिस छोटे से छोटे घटक में ज्ञात करते हैं, उसे इकाई कहते हैं।
जनसंख्या (Population)- जिस समूचे समूह  मेंसे इकाई का चयन तथा चर का मान ज्ञात किया जाए, उसे जनसंख्या कहते हैं।
निदर्श (Sample)- कुछ ऐसी इकाइयों का समूह जो समूचे इकाई समूह का प्रतिनिधित्व करे।

निदर्शन के आधार (Basic of Sampling)
समग्र की सजातीयता (Homogeneity of Universe)- निदर्शन में यह अत्यन्त आवश्यक है कि समस्त जनसंख्या में ज्यादा से ज्यादा समानता हो तथा चुनी गई इकाइयां समग्र का इमानदारी से प्रतिनिधित्व करने में सक्षम हों।
पर्याप्त परिशुध्दता (Adequate Accuracy)- निदर्शन शत-प्रतिशत कभी परिशुध्द नहीं हो सकता फिर भी अध्ययनकर्ता का सदैव प्रयास रहना चाहिए कि निदर्शन यथासंभव प्रतिनिधित्वपूर्ण हो, तभी परिणामों के शुध्दता के प्रति आशा व्यक्त किया जा सकता है।

श्रेष्ठ निदर्शन की विशेषताएं
 (Characteristics of a Good Sampling)
·       उपयुक्त आकार
·       पूर्वाग्रह रहित।
·       विश्वसनीयता।
·       अनुभवों पर आधारित।
·       ज्ञान एंव तर्क पर आधारित।
·       साधनों एंव उद्देश्यों के अनुरूप।

निदर्शन के प्रकार (Types of Sampling)
§  प्रायिकता निदर्शन (Probability Sampling)- इस प्रकार के निदर्शन में प्रत्येक इकाई के चुनाव की संभावना रहती है। इसकी विशेषता यह है कि किसी भी समग्र की प्रत्येक इकाई के लिए निदर्शन में सम्मिलित होने की संभावना की गणना की जा सकती है। अत: निदर्शन का चुनाव ऐसी पध्दतियों से किया जाता है, जिनमें समग्र की प्रत्येक इकाई को निदर्शन में सम्मिलित होने  का अवसर मिलता है। इसमें बहुत सी पध्दतियां हैं – दैव निदर्शन, स्तरीकृत निदर्शन, व्यवस्थित निदर्शन,  बहुस्तरीय निदर्शन, गुच्छ निदर्शऩ इत्यादि।
§  अप्रायिकता निदर्शन (Non Probability Sampling)- यह असंभावित निदर्शन है, जिसमें समग्र  की प्रत्येक इकाई के सम्मिलित होने की संभावना का अनुमान लगाना कठिन होता है। इसमें हर इकाई को चुने जाने के समान अवसर भी प्राप्त नहीं हो पाते। इसकी कुछ विधियां- उद्देश्यपूर्ण निदर्शन, आकस्मिक निदर्शन, अभ्यंश निदर्शन
निदर्शन के प्रमुख चरण (Steps of Sampling)
§  समग्र का निर्धारण- जिस समूह से निदर्शन का चयन किया जाता है, उसे समग्र कहते हैं। सर्वप्रथम अनुसंधानकर्ता को उन समग्र इकाइयों का निर्धारण करना पड़ता है, जिनमें से कुछ इकाइयों का चयन निदर्श के रूप में किया जाना है।
§  निदर्शन इकाई का निर्धारण- निदर्शन एंव सरलीकरण के लिए भौगोलिक क्षेत्रों, सामाजिक समूहों, परिवारों, स्थानों,व्यक्तियों, घटनाओँ, व्यवहारों, लक्षणों आदि इकाइयों का चुनाव किया जाता है।
§  निदर्शन के आकार का निर्धारण- निदर्शन के आकार का कोई नियम नहीं है। आकार जितना भी हो उसमें अध्ययन की समस्त आधारभूत विशेषताएं सम्मिलित हों तथा अध्ययन के उद्देश्यों को वह पूर्ण करने में सक्षम होना चाहिए।
§  निदर्शन सूची की रचना- अध्ययनकर्ता के लिए कई बार निदर्शन क्षेत्र की इकाइयों की सूची विभिन्न स्रोतों (जनगणना प्रतिवेदन,टेलीफोन डायरेक्ट्री इत्यादि) द्वारा उपलब्ध हो जाती है परन्तु इसकी अनुपस्थित में  अधिकतर स्थितियों में संशोधन अथवा परिवर्तन की आवश्यकता के कारण निदर्शन सूची की रचना स्वंय करनी पड़ती है।
§  निदर्शन पध्दति का चुनाव- निदर्शन प्रक्रिया के अंतिम चरण में निदर्शन पध्दति/प्रक्रिया का चुनाव किया जाता है, जो समस्या के प्रकार/अध्ययन का विषय, समग्र की प्रकृति, संसाधनों की उपलब्धता आदि तथ्यों पर आधारित होता है।
निदर्शन प्रक्रिया के गुण वा उपयोगिता-
·       संसाधनों की बचत।
·       अधिक वैज्ञानिक विधि के रूप में मान्यता।
·       तथ्यों की पुन: परीक्षा।
·       परिणामों की शुध्दता।
·       न्यूनतम त्रुटियां।
·       सहयोग की संभावना।
·       अध्ययन की गतिशीलती में वृध्दि।

निदर्शन की प्रमुख समस्याएं
1.     आकार की समस्या।
2.     पक्षपातपूर्ण निदर्शन की समस्या।
3.     निदर्शन के विश्वसनीयता की समस्या इत्यादि।


संदंर्भ-
मीडिया शोध, डॉ. मनोज दयाल

संचार शोध प्रविधियां, डॉ. संजीव भानावत

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